कभी-कभी सबसे गहरा दर्द किसी के चले जाने से नहीं, बल्कि किसी अपने के अजनबी बन जाने से होता है। वही चेहरा, वही आवाज़, बस पहले वाला अपनापन नहीं।
यहाँ Ajnabi Shayari in Hindi का संग्रह है: अजनबी पर 2 लाइन शायरी, अपनों के अजनबी बनने की शायरी, मोहब्बत में अजनबी, अजनबी से प्यार, अजनबी शहर और attitude status। पसंद की लाइन copy करें और शेयर करें।
अजनबी पर 2 लाइन शायरी | Ajnabi Shayari 2 Line
अजनबी से अपना बनने में साल लगे,
अपने से अजनबी बनने में बस एक पल लगे।
सामने से गुज़रे और नज़र भी न मिलाई,
इतनी जल्दी भी होती है क्या जुदाई।
पहचान वही, चेहरा वही, आवाज़ वही,
बस अब वो पहले वाली बात नहीं।
नंबर आज भी फ़ोन में सेव है उनका,
बस हक़ नहीं रहा अब फ़ोन करने का।
जो रोज़ पूछते थे कि खाना खाया या नहीं,
आज उन्हें याद भी नहीं कि हम हैं भी कहीं।
जब अजनबी थे, तब बातों में अपनापन था,
अपने बने तो हर बात में एक फ़ासला सा था।
हम अजनबी ही ठीक थे शायद,
जान-पहचान ने बड़ा दर्द दिया।

Ajnabi Shayari in Hindi
कभी जो मेरी हर बात पर मुस्कुराया करते थे,
मेरी ख़ुशी में अपनी ख़ुशी ढूँढा करते थे,
वक़्त के साथ वो इतने बदल गए यारों,
कि अब सामने से अजनबी बनकर गुज़रा करते हैं।
कुछ लोग बिछड़कर भी यादों में रहते हैं,
कुछ पास रहकर भी दूर-दूर रहते हैं,
और कुछ ऐसे बदल जाते हैं ज़िंदगी में,
कि पहचानकर भी अजनबी से रहते हैं।
वक़्त ने बदले सपने, बदले रास्ते, बदले लोग,
हर मोड़ पर मिले नए-नए संजोग,
पर सबसे गहरी चोट तब लगी दिल पर,
जब अपने ही बन गए अजनबी लोग।
एक ही गली, एक ही छत, एक ही शहर,
फिर भी दोनों के बीच मीलों का सफ़र,
कभी जो एक-दूजे की आदत थे,
आज गुज़रते हैं अजनबी बनकर।
अपने अजनबी बन गए शायरी | Apne Ajnabi Ban Gaye
हमने हर मोड़ पर उनका साथ दिया,
हर मुश्किल में उनका हाथ थाम लिया,
मगर जब हमारा वक़्त आया,
तो उन्होंने अजनबियों सा बर्ताव किया।
कुछ रिश्ते टूटते नहीं हैं,
बस धीरे-धीरे बदल जाते हैं,
पहले बातें कम होती हैं,
फिर लोग अजनबी हो जाते हैं।
दर्द तब हुआ जब ये एहसास हुआ,
जिन्हें अपना माना, वो अपने न थे,
हम दिल से रिश्ता निभाते रहे,
और वो हमें अजनबी समझते रहे।
चेहरे वही हैं, बातें भी वही हैं,
मगर रिश्तों की गर्माहट कहीं खो गई,
जो कभी दिल के सबसे करीब थे,
आज उनसे मिलने की वजह भी खो गई।

मोहब्बत में अजनबी शायरी
जिसे दिल से चाहा था कभी,
आज उसी से नज़रें चुरानी पड़ती हैं,
मोहब्बत की यही सबसे बड़ी सज़ा है,
कि अपनों से दूरियाँ निभानी पड़ती हैं।
वो मेरे हिस्से की कहानी था,
जिसे किस्मत ने अधूरा लिख दिया,
मोहब्बत तो आज भी है दिल में,
बस रिश्ते को अजनबी कर दिया।
आज भी तेरा नाम सुनकर,
दिल की धड़कन बदल जाती है,
फ़र्क बस इतना है कि अब,
तू अजनबी है, और ये बात रुलाती है।
तेरी यादों से आज भी रिश्ता है मेरा,
भले ही तुझसे कोई रिश्ता नहीं रहा,
तू अजनबी बन गया ज़िंदगी में,
मगर दिल ने तुझे कभी अजनबी नहीं कहा।
अजनबी से प्यार शायरी | Ajnabi Se Pyar
न नाम पता था, न कोई पहचान थी,
बस एक मुस्कान थी जो बड़ी अनजान थी,
उस अजनबी ने ऐसे देखा पलटकर,
कि उस दिन से हर शाम उसके नाम थी।
सफ़र में मिला था एक अजनबी चेहरा,
बातों-बातों में हो गया रिश्ता गहरा।
अजनबी था पर अपना सा लगा,
पहली मुलाक़ात में भी सपना सा लगा।
कैसे कहूँ कि तुम अजनबी हो,
जब दिल कहता है तुम यहीं कहीं हो।
अजनबी शहर शायरी | Ajnabi Shahar
नया शहर, नई गलियाँ, नए लोग,
किराये का कमरा और तन्हाई का रोग,
माँ का फ़ोन आए तो कह देता हूँ ठीक हूँ,
इस अजनबी शहर में ऐसे ही कटते हैं रोज़।
लाखों की भीड़ है पर कोई पहचाना नहीं,
ये शहर बड़ा है, पर अपना ठिकाना नहीं।
गाँव में हर कोई नाम से बुलाता था,
यहाँ पड़ोसी का भी नाम पता नहीं,
बस नुक्कड़ वाले चाय वाले भैया हाल पूछते हैं,
बाक़ी इस पूरे शहर में कोई अपना नहीं।

ख़ुद से अजनबी शायरी
इतने किरदार निभाए ज़िंदगी में,
कि असली चेहरा कहीं छूट गया,
लोगों से तो रिश्ता बना रहा,
पर ख़ुद से ही नाता टूट गया।
सबकी ख़ुशी में इतना खो गए हम,
कि ख़ुद से ही अजनबी हो गए हम।
कभी आईना भी मुझे पहचानता था,
अब मैं ख़ुद को ही अजनबी लगता हूँ।
Ajnabi Attitude Shayari
अजनबी बने हो तो ऐसे ही रहना,
लौटकर फिर से “अपना” मत कहना।
तुमने मुँह फेरा, हमने रास्ता बदल लिया,
अब अजनबी हैं, ये फ़ैसला हमने भी कर लिया।
जो अजनबी बनकर गए, उनका शुक्रिया,
उन्होंने ही तो अपनों का मतलब सिखा दिया।
Ajnabi Status in Hindi
अपने थे, अब अजनबी हैं। बस इतनी सी कहानी है।
अजनबी से अपना, अपने से अजनबी, यही ज़िंदगी है।
नंबर वही है, बातें नहीं।
पहचान बाक़ी है, अपनापन नहीं।
कुछ लोग जाते नहीं, बस अजनबी हो जाते हैं।
Ajnabi the, ajnabi hi achhe the.
Wahi log, wahi raaste, bas ab ajnabi.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अजनबी शायरी और बेवफ़ा शायरी में क्या फर्क है?
बेवफ़ा शायरी धोखे और टूटे वादों के बारे में होती है, जहाँ किसी ने जानबूझकर दिल तोड़ा हो। अजनबी शायरी उस दर्द के बारे में है जब रिश्ता बिना किसी बड़े झगड़े के धीरे-धीरे ठंडा पड़ जाता है और एक दिन अपने ही अनजान लगने लगते हैं। धोखे वाली शायरी के लिए Bewafa Shayari पढ़ें।
अपने लोग अजनबी क्यों बन जाते हैं?
ज़्यादातर वजहें छोटी होती हैं: बातचीत धीरे-धीरे कम होना, नई नौकरी या शहर, नई ज़िम्मेदारियाँ, या कोई ग़लतफ़हमी जिस पर कभी बात नहीं हुई। कई बार कोई बुरा इंसान नहीं होता, बस ज़िंदगी दोनों को अलग रास्तों पर ले जाती है।
जब कोई अपना अजनबी जैसा बर्ताव करने लगे तो क्या करें?
एक बार सीधे और शांति से बात करके पूछ लें कि क्या कुछ बदला है। हो सकता है वो किसी परेशानी से गुज़र रहे हों। अगर फिर भी दूरी बनी रहे, तो ज़बरदस्ती रिश्ता खींचने के बजाय अपनी इज़्ज़त और सुकून का ध्यान रखें।
अजनबी का मतलब क्या है?
“अजनबी” अरबी-फ़ारसी से उर्दू और हिंदी में आया शब्द है, जिसका मतलब है अनजान, पराया या जिसे हम नहीं जानते (English में stranger)। शायरी में यह अक्सर उस इंसान के लिए आता है जो कभी अपना था पर अब अनजान सा लगता है।