किसी ने बिना लॉक किए अपना फ़ोन आपके हाथ में दे दिया हो, या पापा ने पहली बार कार की चाबी पकड़ाई हो, उस पल समझ आता है कि भरोसा क्या होता है। इसे जताने के लिए बड़ी-बड़ी बातें नहीं करनी पड़तीं। ये छोटी-छोटी बातों में दिखता है, और कभी-कभी एक छोटी-सी बात से टूट भी जाता है।
यहाँ भरोसे पर शायरी है: प्यार के भरोसे से लेकर अपनों और दोस्तों के यक़ीन तक, ख़ुद पर भरोसे से लेकर टूटे हुए भरोसे तक। साथ में गुलज़ार, अहमद फ़राज़ और दाग़ देहलवी जैसे शायरों के शेर भी हैं। अगर किसी ने आपका भरोसा तोड़ा है, तो Trust Broken Shayari पढ़ सकते हैं।
Bharosa Shayari in Hindi
भरोसा माँगा नहीं जाता,
बस धीरे-धीरे कमाया जाता है।
बड़ी बातें नहीं, छोटे वादे निभाओ,
भरोसा वहीं से बनता है।
भरोसा उसी पर होता है,
जो पीठ पीछे भी वही कहे जो सामने कहता है।
जिसे बताना न पड़े कि कहाँ हो, किसके साथ हो,
बस समझ लेना, वहाँ भरोसा है।
अपना वही है जिसके सामने,
अपनी ग़लती बताते हुए डर नहीं लगता।
Love Bharosa Shayari (Pyar Mein Bharosa)

आँखें बंद करके हाथ थमा दिया उसने,
रास्ता कौन सा है, ये पूछा भी नहीं।
उसका फ़ोन मेरे सामने पड़ा रहता है,
और मुझे कभी उठाने का मन नहीं होता।
तुम देर से आओ तो डर नहीं लगता,
बस फ़िक्र होती है, शक नहीं।
तुम्हारा लास्ट सीन देखकर कभी कुछ नहीं सोचा,
पता है, फ़ुर्सत मिलते ही पहला मैसेज मेरा होगा।
दूर रहकर भी तुम्हें खोने का डर नहीं लगता,
इतना भरोसा तुमने ख़ुद ही तो दिया है।
प्यार में वादे तो सब करते हैं,
तुमने बस हर बार वक़्त पर आकर दिखाया।
लड़ाई के बाद भी जो कहे, खाना खा लेना,
उस पर शक करने की कोई वजह नहीं बचती।
Rishton Mein Bharosa Shayari (Maa, Papa Aur Apne)

पापा ने साइकिल की सीट पीछे से पकड़ी थी,
कब छोड़ दी पता ही नहीं चला, बस भरोसा चलाता रहा।
माँ ने कभी नहीं पूछा कि पैसे कहाँ खर्च किए,
शायद इसलिए कभी ग़लत जगह खर्च नहीं हुए।
दादी अपनी अलमारी की चाबी सिर्फ़ मुझे देती थीं,
वो चाबी नहीं, मुझ पर उनके भरोसे की निशानी थी।
जब घरवाले कहते हैं, हमें तुझ पर भरोसा है,
तो ग़लत क़दम उठाने से पहले पैर ख़ुद रुक जाते हैं।
भाई ने बिना कुछ पूछे काग़ज़ों पर साइन कर दिए,
उस दिन समझ आया कि अपना किसे कहते हैं।
Dost Par Bharosa Shayari
रात दो बजे फ़ोन किया तो उसने वजह नहीं पूछी,
बस इतना पूछा, कहाँ आना है।
पूरी दुनिया ने कहा तू ग़लत है,
एक उसने कहा, मुझे तुझ पर भरोसा है।
पैसे उधार दिए तो कहीं लिखे तक नहीं,
बोला, तू है तो याद रखने की ज़रूरत नहीं।
मेरी चुप्पी का मतलब भी वही समझता है,
इसलिए उससे कुछ छुपाने का मन ही नहीं करता।
Khud Par Bharosa Shayari

लोग हँसे थे जब पहला क़दम उठाया,
अब वही पूछते हैं, शुरू कैसे किया।
डर तो आज भी लगता है,
बस अब डर से ज़्यादा ख़ुद पर भरोसा है।
किसी और के सहारे बैठा रहता,
तो आज भी बस इंतज़ार कर रहा होता।
नौकरी छोड़ी तो सबने कहा पागल है,
मुझे बस इतना पता था कि मैं क्या कर सकता हूँ।
Jab Bharosa Toot Jaaye
उसने पूछा, अब भी नाराज़ हो?
मैंने कहा, नाराज़ नहीं, बस पहले जैसा भरोसा नहीं।
तोड़ने वाले कहते हैं, इतनी सी बात थी,
उन्हें क्या पता, बात नहीं, यक़ीन टूटा था।
दोबारा भरोसा करने में डर लगता है,
पर हर नए को पुराने की सज़ा देना भी ठीक नहीं।
Mashhoor Shayaron Ke Bharose Aur Aitbaar Par Sher
दिल को तिरी चाहत पे भरोसा भी बहुत है,
और तुझ से बिछड़ जाने का डर भी नहीं जाता।
– अहमद फ़राज़
आदतन तुम ने कर दिए वादे,
आदतन हम ने ए’तिबार किया।
– गुलज़ार
हर-चंद ए’तिबार में धोके भी हैं मगर,
ये तो नहीं किसी पे भरोसा किया न जाए।
– जाँ निसार अख़्तर
दीवारें छोटी होती थीं लेकिन पर्दा होता था,
तालों की ईजाद से पहले सिर्फ़ भरोसा होता था।
– अज़हर फ़राग़
या तेरे अलावा भी किसी शय की तलब है,
या अपनी मोहब्बत पे भरोसा नहीं हम को।
– शहरयार
ग़ज़ब किया तिरे वादे पे ए’तिबार किया,
तमाम रात क़यामत का इंतिज़ार किया।
– दाग़ देहलवी
मुझे छोड़ दे मेरे हाल पर तिरा क्या भरोसा है चारागर,
ये तिरी नवाज़िश-ए-मुख़्तसर मिरा दर्द और बढ़ा न दे।
– शकील बदायूनी
Bharosa Status in Hindi (Short Captions)
भरोसा है, इसलिए सवाल नहीं।
लोग कम हैं, पर पक्के हैं।
वादे कम करता हूँ, पर निभाता सब हूँ।
तू साथ है, तो बेफ़िक्र हूँ।
जिस पर भरोसा है, उसके लिए वक़्त भी है।
ख़ुद पर भरोसा, बाक़ी ऊपर वाले पर।