रिश्ते बड़ी बातों से नहीं चलते। माँ का रोज़ फ़ोन पर पूछना कि खाना खाया या नहीं, भाई का बिना बताए रिचार्ज करा देना, पत्नी का चुपचाप दवाई की गोली हाथ में रख देना। इन बातों पर कोई ध्यान नहीं देता, पर रिश्ते इन्हीं पर टिके रहते हैं। और जब कोई रिश्ता कमज़ोर पड़ता है, तो अक्सर किसी बड़ी लड़ाई से नहीं, इन्हीं छोटी बातों के छूट जाने से पड़ता है।
यहाँ रिश्तों पर ऐसी ही शायरी है: घर के रिश्ते, भाई बहन की नोकझोंक, पति पत्नी का साथ, वो लोग जिनसे कोई रिश्ता नहीं फिर भी अपने हैं, और दूर रहकर निभाए जाने वाले रिश्ते। आख़िर में गुलज़ार, वसीम बरेलवी, बशीर बद्र और मुनव्वर राना के शेर भी हैं। रिश्तों में भरोसे पर अलग से पढ़ना हो तो Bharosa Shayari देखें।
Rishte Shayari in Hindi
रिश्ते बड़ी बातों से नहीं चलते,
रोज़ की छोटी सी फ़िक्र से चलते हैं।
रिश्तों में प्यार होना ज़रूरी है,
पर इज़्ज़त उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है।
रिश्ते वक़्त माँगते हैं,
और जो वक़्त नहीं दे पाते, वो धीरे धीरे रिश्ते खो देते हैं।
बहस में कौन सही था, ये बाद में सोच लेना,
पहले ये सोचो कि वो इंसान तुम्हारे लिए कितना ज़रूरी है।
ग़लती किसी की भी हो, पहला फ़ोन मैं ही कर लेता हूँ,
मुझे बहस जीतने से ज़्यादा रिश्ता बचाना आता है।
कुछ लोग रोज़ बात करके भी पराए लगते हैं,
और कुछ साल भर बाद मिलें तो भी वैसे ही अपने।
Family Rishte Shayari (Ghar Ke Rishte)

परिवार वो जगह है जहाँ हर ग़लती माफ़ हो जाती है,
और हर दुख आधा रह जाता है।
दादी ने धूप में बिठाकर बालों में तेल लगाया,
और साथ में आधे ख़ानदान की कहानियाँ भी सुना दीं।
पापा ने कभी नहीं कहा कि उन्हें मुझ पर गर्व है,
बस रिश्तेदारों से मेरी बात करते हुए आवाज़ थोड़ी ऊँची हो जाती है।
माँ के लिए मैं आज भी वही बच्चा हूँ,
जिसे घर से निकलते वक़्त जैकेट याद दिलानी पड़ती है।
घर में कोई एक बीमार पड़ जाए,
तो पूरे घर की नींद हल्की हो जाती है।
बड़े बुज़ुर्ग घर में हों तो घर भरा भरा लगता है,
चाहे वो दिन भर टीवी की आवाज़ पर टोकते रहें।
छुट्टियों में सब घर आ जाएँ तो बिस्तर कम पड़ जाते हैं,
पर किसी को ज़मीन पर सोने की शिकायत नहीं होती।
Bhai Behen Ka Rishta Shayari

लड़ाई सबसे ज़्यादा उसी से होती है,
और मम्मी की डाँट से बचाता भी वही है।
रिमोट के लिए रोज़ झगड़ते थे हम,
अब अलग शहरों में हैं तो टीवी देखने का मन नहीं करता।
दीदी की शादी के बाद घर इतना शांत हो गया,
कि अब किसी पर चिल्लाने को भी कोई नहीं बचा।
भाई ने कभी नहीं कहा कि प्यार करता है,
बस मेरा रिचार्ज कभी ख़त्म नहीं होने दिया।
बहन मेरे सारे राज़ जानती है,
और ब्लैकमेल भी करती है तो बस आख़िरी रोटी के लिए।
राखी पर तोहफ़ा तो मैं देता हूँ,
पर साल भर संभालती मुझे वो है।
Pati Patni Ka Rishta Shayari

शादी के बाद प्यार कम नहीं होता,
बस आई लव यू की जगह दवाई ली या नहीं, पूछा जाने लगता है।
सारा दिन बहस चलती रहे, फिर भी रात को,
तुम्हारे बिना खाना खाने का मन नहीं करता।
तुम्हारी रोटी गोल नहीं बनती, मेरी सब्ज़ी में नमक कम रह जाता है,
फिर भी हमारी रसोई सबसे अच्छी चलती है।
पति पत्नी का रिश्ता फ़िल्मों जैसा नहीं होता,
ये EMI, बच्चों की फ़ीस और शाम की एक कप चाय पर चलता है।
बुढ़ापे में भी मेरा चश्मा ढूँढ दिया करना,
इस रिश्ते से बस इतना सा वादा चाहिए।
झगड़े में भी तुमने कभी हाथ नहीं छोड़ा,
शायद इसीलिए ये रिश्ता हर बार बच गया।
Benaam Rishte Shayari (Jo Apne Ban Gaye)
कुछ लोग किसी रिश्ते का नाम नहीं होते,
पर ज़िंदगी का सबसे अच्छा हिस्सा वही होते हैं।
पड़ोस वाली आंटी हर बार कहती हैं, बेटा कमज़ोर हो गया,
उनसे कोई रिश्तेदारी नहीं, फिर भी फ़िक्र माँ जैसी है।
हॉस्टल के रूममेट से कोई रिश्ता नहीं था,
आज मेरी शादी का सारा काम वही सँभाल रहा है।
दोस्त ने कभी भाई नहीं कहा,
बस हर मुश्किल में भाई से पहले पहुँच गया।
ऑफ़िस वाली दीदी ने पहले दिन अपना खाना बाँटा था,
तब से ये अनजान शहर थोड़ा अपना लगने लगा।
Rishte Nibhane Ki Shayari
रिश्ते बनाना आसान है,
निभाना तब आता है जब पहली बार ग़ुस्सा पीना पड़ता है।
हर बात का जवाब देना ज़रूरी नहीं होता,
कुछ रिश्ते चुप रह जाने से बच जाते हैं।
पैसा कमाना फिर भी आसान है,
सच्चे रिश्ते कमाने में उम्र लग जाती है।
जो रिश्ता निभाने के लिए झुक जाता है, वो कमज़ोर नहीं होता,
बस उसे अपनी ज़िद से ज़्यादा वो इंसान प्यारा होता है।
माफ़ी माँगने से कोई छोटा नहीं हो जाता,
कई रिश्ते बस एक सॉरी के इंतज़ार में ख़त्म हो जाते हैं।
अपनों की क़द्र तब कर लो जब वो सामने हों,
बाद में बस तस्वीरों से बातें होती हैं।
Door Rehkar Bhi Rishte (Doori Wali Shayari)
रोज़ बात नहीं होती, ये सच है,
पर कुछ भी हो जाए, सबसे पहले उसी का नंबर मिलाता हूँ।
सब अलग शहरों में हैं, अलग नौकरियों में,
फिर भी फ़ैमिली ग्रुप पर सुबह की पहली फ़ोटो मम्मी की ही आती है।
नानी से अब बस वीडियो कॉल पर मिलना होता है,
और वो हर बार स्क्रीन पर हाथ फेरकर आशीर्वाद दे देती हैं।
साल में एक बार घर जाता हूँ,
और पूरा मोहल्ला पूछता है, इस बार कितने दिन रुकोगे।
Jab Rishte Badal Jaayein
पहले फ़ोन कम हुए, फिर बहाने बढ़ गए,
रिश्ता टूटा नहीं, बस धीरे धीरे छूट गया।
जो रिश्ता सिर्फ़ ज़रूरत पर याद आए,
उसे रिश्ता नहीं, सौदा कहते हैं।
कुछ रिश्तों से दूर हो जाना भी ठीक है,
जहाँ हर बार सिर्फ़ तुम्हें ही झुकना पड़े।
Rishton Par Mashhoor Shayaron Ke Sher
हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते,
वक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करते।
– गुलज़ार
सभी रिश्ते गुलाबों की तरह ख़ुशबू नहीं देते,
कुछ ऐसे भी तो होते हैं जो काँटे छोड़ जाते हैं।
– वसीम बरेलवी
ऐसे रिश्ते का भरम रखना कोई खेल नहीं,
तेरा होना भी नहीं और तिरा कहलाना भी।
– वसीम बरेलवी
कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से,
ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से मिला करो।
– बशीर बद्र
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकाँ आई,
मैं घर में सब से छोटा था मिरे हिस्से में माँ आई।
– मुनव्वर राना
Rishte Status in Hindi (Short Captions)
रिश्ते कम हों, पर सच्चे हों।
जो वक़्त दे, वही अपना है।
रिश्ते बातों से नहीं, आदतों से निभते हैं।
घर वही है जहाँ कोई इंतज़ार करे।
सॉरी छोटा सा शब्द है, रिश्ता बहुत बड़ा।
अपनों से जीतकर भी हार ही होती है।