परीक्षा वाले दिन घर से निकलते वक़्त माँ ने माथे पर तिलक लगाया और धीरे से कहा, “जा, कान्हा जी सँभाल लेंगे।” उस एक वाक्य में जितना भरोसा था, उतना शायद किसी किताब में नहीं। श्री कृष्ण हमारे लिए सिर्फ़ पूजा के भगवान नहीं, ऐसे सखा भी हैं जिनसे कोई भी बात कही जा सकती है।
ये Krishna Shayari in Hindi उसी अपनेपन से लिखी गई है: कहीं नटखट माखन चोर की लीला है, कहीं सुदामा की दोस्ती, कहीं मुश्किल वक़्त में अर्जुन को मिला साथ। बीच में गीता के दो श्लोक भी अर्थ सहित हैं।
Krishna Shayari in Hindi (श्री कृष्ण शायरी)
मोर मुकुट, होंठों पर मुरली, आँखों में प्यार,
ऐसे मोहन पर वारा जाए सारा संसार।
जिसके मन में श्याम बसे, उसे किस बात का डर,
कान्हा ख़ुद थामे रहते हैं उसके जीवन की डगर।
नाम लिया जब कृष्ण का, मन हल्का हो गया,
जो बोझ बरसों से था, जाने कहाँ खो गया।
गोकुल की गलियाँ, यमुना का किनारा,
हर जगह बसता है मेरा कान्हा प्यारा।
दुनिया ने जब भी मुँह फेरा, तू सामने खड़ा था,
मेरा श्याम हर मुश्किल से बड़ा था।
कृष्ण कहो, मोहन कहो, या कहो गोपाल,
हर नाम में छुपा है भक्तों का ख़याल।
जहाँ प्रेम है, वहाँ कृष्ण का एहसास है,
जहाँ कृष्ण का नाम है, वहाँ मन को विश्वास है।

कान्हा से बातें
कान्हा, आज फिर परीक्षा है, थोड़ा साथ निभा देना,
याद किया जो रात भर, बस वही सामने ला देना।
तुझसे क्या छुपाऊँ कान्हा, तू सब जानता है,
मेरे आँसुओं को भी तू ही पहचानता है।
सुदामा के चावल भी तूने प्रेम से खाए थे,
मेरे सीधे-सादे शब्द भी मान लेना, जो दिल से आए थे।
शिकायत नहीं, बस इतना कहना है, मेरे श्याम,
जब थक जाऊँ, तो याद दिलाना अपना नाम।
माखन चुराने वाले, इतना सा काम कर देना,
मेरे मन की सारी चिंता भी आज चुरा लेना।
नटखट कान्हा: माखन चोर की लीला (Kanha Shayari)
मटकी ऊँची टाँगी, फिर भी बच न पाई,
नन्हे कान्हा ने सखाओं संग सीढ़ी बनाई।
मुँह पर माखन लगा, फिर भी बोले मैंने नहीं खाया,
उस भोलेपन पर यशोदा का ग़ुस्सा भी मुस्काया।
गोपियों की शिकायतें रोज़ घर तक आती थीं,
पर माँ यशोदा हर बार कान्हा को ही बचाती थीं।
ऊखल से बाँधा मैया ने, फिर भी हँसी न छूटी,
दामोदर की ये लीला सुन, हर माँ की ममता फूटी।

राधा-कृष्ण के प्रेम पर शायरी
न कोई फेरा, न कोई वादा, फिर भी नाम साथ लिया जाता है,
राधा-कृष्ण का प्रेम ही सच्चा प्रेम कहलाता है।
प्रेम में पाना ज़रूरी नहीं, ये राधा ने सिखाया,
दूर रहकर भी कृष्ण को हर पल अपना बनाया।
बाँसुरी बजी तो राधा दौड़ी चली आई,
यमुना किनारे फिर प्रेम की बेला छाई।
राधा के बिना कृष्ण अधूरे, कृष्ण बिना राधा का नाम,
दोनों मिलकर बनते हैं प्रेम का पूरा धाम।
कृष्ण-सुदामा की दोस्ती
फटे कपड़ों में सुदामा द्वार पर आया,
द्वारकाधीश ने दौड़कर गले लगाया।
मुट्ठी भर चावल लाया था सुदामा शर्माता,
बिन माँगे सब दे गया, ऐसा था कृष्ण का नाता।
दोस्ती में अमीरी-ग़रीबी नहीं देखी जाती,
कृष्ण-सुदामा की कहानी यही सिखाती।
मुश्किल वक़्त में कृष्ण (Krishna Shayari on Life)
जब अर्जुन सा मन डगमगाए,
तब गीता का ज्ञान राह दिखाए।
द्रौपदी ने जब पुकारा, चीर बढ़ता गया,
सच्चे मन की पुकार पर कृष्ण का साथ मिलता गया।
रात कितनी भी लंबी हो, सवेरा ज़रूर आता है,
कृष्ण का नाम अँधेरे में भी दीया जलाता है।
जो सामने है, उसका सामना करना सीख लिया,
फ़िक्र के बीच भी श्याम का नाम लेना सीख लिया।

गीता में कृष्ण के वचन (अर्थ सहित)
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥
अर्थ (गीता 4.7): हे भारत (अर्जुन), जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब मैं अपने स्वरूप को प्रकट करता हूँ।
सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।
अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः॥
अर्थ (गीता 18.66): सभी प्रकार के धर्मों को छोड़कर केवल मेरी शरण में आओ; मैं तुम्हें सभी पापों से मुक्त करूँगा, इसलिए शोक मत करो। ये गीता का वो वचन है जिसमें कृष्ण हर डरे हुए मन को भरोसा देते हैं।
Jai Shri Krishna Status और Captions
जय श्री कृष्ण 🙏
कृष्ण हैं, तो कोई फ़िक्र नहीं।
मेरा मन, मेरी सुबह, मेरे कान्हा।
बाँसुरी वाले का साथ ही सबसे बड़ा साथ है।
राधे-राधे बोलो, मन में भक्ति और सुकून रहे।
Kanha ji sab sambhal lenge 💙
Jai Shri Krishna, have a blessed morning 🦚
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कृष्ण को कान्हा, मुरलीधर और गोविंद क्यों कहते हैं?
कान्हा कृष्ण के लिए प्रचलित स्नेह भरे नामों में से एक है, जो ख़ास तौर पर उनके ब्रज और बाल रूप से जुड़ा है। मुरलीधर का अर्थ है मुरली (बाँसुरी) धारण करने वाले। गोविंद का अर्थ गायों के पालक और रक्षक से जोड़ा जाता है, क्योंकि कृष्ण का बचपन गोकुल में गायों के बीच बीता। इसी तरह माधव, मोहन और गोपाल भी उनके प्रिय नाम हैं।
गीता का 2.47 श्लोक किस बारे में है?
गीता 2.47, “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन”, कर्म करने और उसके फल के प्रति आसक्ति न रखने की शिक्षा से जुड़ा प्रसिद्ध श्लोक है। इसका पूरा श्लोक और अर्थ हमारे Karma Shayari पेज पर है।
सुबह “जय श्री कृष्ण” वाला कौन सा मैसेज भेजें?
छोटा और दिल से निकला मैसेज सबसे अच्छा लगता है, जैसे: “जय श्री कृष्ण! कान्हा जी आपका आज का दिन मुरली की धुन जैसा मीठा बनाएँ।” या बड़ों के लिए: “जय श्री कृष्ण, आपका आशीर्वाद और कान्हा की कृपा हमेशा बनी रहे।” ऊपर की कोई भी शायरी भी साथ में भेज सकते हैं।