Self Respect Shayari in Hindi – आत्मसम्मान और स्वाभिमान शायरी

एक दिन ऐसा आता है जब आप बार बार पहला मैसेज करते करते थक जाते हैं। किसी की हर बात पर ख़ुद को समझाना, तानों पर मुस्कुरा देना, हर बार ख़ुद ही झुक जाना। फिर अचानक अंदर से एक धीमी सी आवाज़ आती है कि बस, अब और नहीं। उस दिन ग़ुस्सा नहीं आता, बस समझ आ जाता है कि हर जगह रुकना ज़रूरी नहीं होता।

आत्मसम्मान का मतलब अकड़ नहीं है। इसका मतलब है अपनी जगह पहचानना, और जहाँ इज़्ज़त न मिले वहाँ से चुपचाप उठ जाना। यहाँ उसी पर शायरी है: प्यार में, नौकरी में, अपनों के बीच, नज़रअंदाज़ करने वालों के लिए, और कबीर, रहीम, ग़ालिब की वो पंक्तियाँ जो ख़ुद्दारी को सबसे सही कहती हैं। तेवर वाली लाइनें चाहिए तो Attitude Shayari पढ़ें, और ख़ुद से प्यार करने पर Khud Se Mohabbat Shayari।

Self Respect Shayari in Hindi

Self respect shayari - function chhodkar gate se chupchap jaata ladka, जहाँ बुलाया नहीं जाता

जहाँ बुलाया नहीं जाता, वहाँ जाना अब छोड़ दिया,
ये ग़ुरूर नहीं है, बस अपनी इज़्ज़त का ख़याल है।

जहाँ मेरी इज़्ज़त नहीं,
वहाँ मेरा रहना भी ज़रूरी नहीं।

रिश्ते दिल से निभाता हूँ,
पर अपनी इज़्ज़त गिरवी रखकर नहीं।

झुकना मुझे भी आता है,
पर रिश्ता बचाने के लिए, ख़ुद को खोने के लिए नहीं।

जो ख़ुद की नज़रों में गिर जाए,
उसे दुनिया की तारीफ़ भी नहीं उठा पाती।

बदल गया हूँ मैं, ये सच है,
अब ख़ुद की क़द्र करना सीख गया हूँ।

हर बार मैं ही मना लूँ, ये ज़रूरी तो नहीं,
कभी कभी रूठे रहना भी अपनी इज़्ज़त है।

Pyar Mein Self Respect Shayari

Pyar mein self respect shayari - cafe me akeli uthti ladki, फ़ोन उल्टा रखा हुआ

तुमसे प्यार आज भी उतना ही है,
बस अब उसके लिए ख़ुद को छोटा नहीं करूँगी।

तेरे जवाब का इंतज़ार आज भी रहता है,
पर अब बार बार पूछने की आदत छोड़ दी।

मोहब्बत में सब कुछ दिया तुझे,
बस अपनी इज़्ज़त नहीं दी, वो मेरी थी।

जिसे मेरे होने से फ़र्क़ नहीं पड़ता,
उसे मेरे जाने की ख़बर भी क्यों दूँ।

प्यार भीख में मिले तो प्यार नहीं रहता,
इसलिए माँगना छोड़ दिया।

तुम्हें खोने का डर था,
पर ख़ुद को खोने का डर उससे बड़ा निकला।

लौट आओगे तो दरवाज़ा खुला मिलेगा,
पर पीछे भागता हुआ मैं नहीं मिलूँगा।

Ignore Karne Walon Ke Liye Self Respect Shayari

तुमने नज़रअंदाज़ किया, अच्छा किया,
मुझे अपनी जगह पता चल गई।

सीन पर छोड़ा मेरा मैसेज,
अब मैंने भी लिखना छोड़ दिया।

जो वक़्त नहीं निकाल पाते मेरे लिए,
उनके लिए मैं भी अब ख़ाली नहीं।

हर बार पहले मैं ही याद करूँ,
इतना सस्ता नहीं है मेरा याद करना।

तुम्हारी बेरुख़ी ने एक काम अच्छा किया,
मुझे ख़ुद से मिलवा दिया।

जिस महफ़िल में मेरी बात पर कोई सुनता नहीं,
वहाँ मैंने बोलना ही बंद कर दिया।

Self Respect Shayari for Girls

Self respect shayari for girls - scooty par helmet pehenti apne kaam par jaati ladki

सोने का पिंजरा भी ठुकरा दिया मैंने,
मुझे अपने पंख ज़्यादा प्यारे थे।

अपने पैसों की चाय में जो सुकून है,
वो किसी के एहसान वाले तोहफ़ों में नहीं।

हाँ, मैं नखरे वाली हूँ,
क्योंकि हर किसी को अपनी ज़िंदगी में आने नहीं देती।

सुंदर कहकर बहलाने वाले बहुत मिले,
मुझे वो चाहिए था जो मेरी बात भी सुने।

लड़की हूँ, नाज़ुक नहीं,
ख़ुद की इज़्ज़त ख़ुद बचाना जानती हूँ।

माँ ने बस इतना सिखाया था,
जहाँ सिर झुकाना पड़े, वहाँ दिल मत लगाना।

Naukri Aur Kaam Mein Swabhiman Shayari

Naukri swabhiman shayari - khali office me laptop band karke uthta ladka

तनख़्वाह थोड़ी कम चल जाएगी,
पर रोज़ रोज़ की बेइज़्ज़ती नहीं।

मेहनत की रोटी छोटी हो तो भी,
सिर उठाकर खाई जाती है।

बॉस की हर बात पर हाँ में हाँ नहीं मिलाता,
इसीलिए शायद तरक़्क़ी देर से मिलती है, पर मिलती है।

काम छोटा हो सकता है,
काम करने वाला कभी छोटा नहीं होता।

किसी की सिफ़ारिश से कुर्सी नहीं चाहिए,
जो मिलेगा, अपने दम पर मिलेगा।

Apno Aur Rishtedaron Ke Beech Self Respect

रिश्तेदारों ने पूछा, कितना कमाते हो,
मैंने कहा, इतना कि किसी से माँगना नहीं पड़ता।

शादी में बुलाया तो गया था,
पर इज़्ज़त सिर्फ़ बड़ी गाड़ी वालों को मिली।

तानों का जवाब नहीं दिया हमने,
बस वक़्त के साथ ख़ुद को जवाब बना दिया।

अपनों ने ही कम आँका था,
इसलिए अब किसी की राय से ख़ुद को नहीं नापता।

पापा ने कभी किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया,
वही आदत मेरे ख़ून में भी है।

Swabhiman Shayari (आत्मसम्मान शायरी)

Swabhiman shayari - subah apni chai ki tapri chalate buzurg

उम्र ढल गई, हाथ थोड़े काँपने लगे,
पर किसी के आगे फैलाने के लिए अब भी नहीं उठते।

आत्मसम्मान कमाने में बरसों लगते हैं,
और खोने में बस एक पल।

हम वो नहीं जो हर बात पर समझौता कर लें,
कुछ उसूल आज भी ज़िंदा हैं।

स्वाभिमान की क़ीमत वही समझता है,
जिसने कभी अपमान का घूँट पिया हो।

इज़्ज़त माँगने से नहीं मिलती,
जीने के तरीक़े से कमाई जाती है।

ख़ाली जेब में भी सिर ऊँचा रहा,
यही विरासत छोड़कर जाऊँगा बच्चों के लिए।

Khuddari Par Mashhoor Shayaron Ke Sher

रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून,
पानी गए न ऊबरे, मोती मानुष चून।
– रहीम

माँगन मरण समान है, मत कोई माँगो भीख,
माँगन से मरना भला, यह सतगुरु की सीख।
– कबीर

बंदगी में भी वो आज़ादा ओ ख़ुद-बीं हैं कि हम,
उल्टे फिर आए दर-ए-काबा अगर वा न हुआ।
– मिर्ज़ा ग़ालिब

उसूलों पर जहाँ आँच आए टकराना ज़रूरी है,
जो ज़िंदा हो तो फिर ज़िंदा नज़र आना ज़रूरी है।
– वसीम बरेलवी

शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम,
आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे।
– राहत इंदौरी

Self Respect Status in Hindi (2 Line)

जहाँ इज़्ज़त नहीं,
वहाँ दूरी ही बेहतर।

भीड़ में शामिल होना आसान था,
पर मुझे अपनी पहचान ज़्यादा प्यारी थी।

सबके लिए वक़्त है मेरे पास,
बस बेइज़्ज़ती सहने के लिए नहीं।

माफ़ कर दिया है तुम्हें,
बस अब पहले वाली जगह नहीं मिलेगी।

अकेला चल लूँगा,
पर किसी के पीछे घिसटकर नहीं।

इज़्ज़त दो, इज़्ज़त लो,
हिसाब बिल्कुल सीधा है।

कम बोलता हूँ,
पर अपनी जगह पर पूरा रहता हूँ।

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