दोस्त बहुत होते हैं, पर यार वो होते हैं जिनके घर बिना बताए पहुँचकर खाना खा लेते हैं, जिनके सामने कोई दिखावा नहीं करना पड़ता और जिनके साथ चाय की टपरी पर बैठे-बैठे पूरी शाम निकल जाती है। उनसे बात करते हुए “आप” नहीं निकलता, सीधा “अबे” निकलता है।
ये पेज उसी यारी के नाम है: यारों की महफ़िल, जिगरी यार, थोड़ा सा यारी वाला एटीट्यूड, मस्ती, और वो गैंग जो अब नौकरी-घर में बिखर गया है पर एक कॉल पर आज भी इकट्ठा हो जाता है। रूठे दोस्त को मनाने या सच्ची दोस्ती पर शायरी चाहिए तो Dosti Shayari देखें।
Yaaron Ki Mehfil Shayari

एक कटिंग चाय, चार यार और आधी रात,
इससे सस्ता सुकून आज तक नहीं मिला।
यारों की महफ़िल हो और हँसी न हो,
ऐसा तो आज तक हुआ ही नहीं।
“बस पाँच मिनट में आया” कहकर जो घंटा लगा दे,
उसी के बिना महफ़िल शुरू भी नहीं होती।
घरवाले पूछते हैं इतनी रात तक क्या बातें करते हो,
अब कैसे बताएँ, बातें ख़त्म ही नहीं होतीं।
एक बाइक, तीन सवारी और जेब में सौ रुपये,
यारों के साथ वो भी किसी ट्रिप से कम नहीं था।
दौलत से नहीं, दिल से अमीर होते हैं वो लोग,
जिनके पास दो-चार सच्चे यार होते हैं।
Jigri Yaar Shayari
कुछ यार दिल के इतने क़रीब होते हैं,
कि घरवाले भी उन्हें बेटा कहने लगते हैं।
माँ से झूठ बोलना हो तो उसका नाम लेते हैं,
और सच बोलना हो तो उसके पास जाते हैं।
उसके घर का फ़्रिज भी अपना लगता है,
बस यही जिगरी यार की पहचान है।
मेरी हर बेवकूफ़ी का गवाह है वो,
फिर भी मुझ पर सबसे ज़्यादा भरोसा वही करता है।
रात दो बजे फ़ोन किया तो कुछ नहीं पूछा,
बस इतना बोला, “लोकेशन भेज, आ रहा हूँ।”
तेरे जैसा यार मिलना आसान नहीं,
और तुझे भूलना तो नामुमकिन है।
Yaari Attitude Shayari

रुतबा तो बहुत लोगों का होगा,
हमारा रुतबा हमारे यार हैं।
हमसे उलझना हो तो शौक़ से उलझो,
बस मेरे यार का नाम बीच में मत लाना।
यारी हम कम लोगों से करते हैं,
पर जिससे करते हैं, आख़िरी साँस तक करते हैं।
मेरे यार की तरफ़ जो भी उँगली उठेगी,
पहले मुझसे होकर गुज़रेगी।
Masti Wali Yaari Shayari

दुनिया के लिए “आप” हूँ, घरवालों के लिए “बेटा”,
बस यारों के लिए आज भी “अबे” हूँ।
मेरे सौ रुपये आज तक नहीं लौटाए उसने,
पर मेरे हर बुरे दिन का बिल उसी ने भरा है।
सच्चा यार वही जो फ़ोटो पर “नाइस” नहीं,
“ये कौन सा फ़िल्टर है भाई” लिखे।
मेरी शादी में सबसे ज़्यादा वही नाचेगा,
जो आज तक मेरी हर बात का मज़ाक उड़ाता आया है।
Bade Ho Gaye Yaar: Naukri, Shaadi Aur Yaari
ग्रुप में “कल पक्का मिलते हैं” लिखा था,
उस कल को अब तीन साल हो गए।
पहले रोज़ मिलते थे बिना किसी वजह के,
अब मिलने के लिए वजह ढूँढनी पड़ती है।
अब सबकी अपनी नौकरी, अपना घर है,
पर एक कॉल पर आज भी सब वहीं आ जाते हैं।
बातें अब कम होती हैं, ये सच है,
पर जब होती हैं तो बीच के साल ग़ायब हो जाते हैं।
शादी के कार्ड पर नाम किसी और का था,
पर सारा इंतज़ाम मेरे यारों ने संभाला।
Shayaron Ki Nazar Mein Yaari
ये कहाँ की दोस्ती है कि बने हैं दोस्त नासेह,
कोई चारासाज़ होता, कोई ग़म-गुसार होता।
— मिर्ज़ा ग़ालिब
दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे,
जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों।
— बशीर बद्र
Yaari Status
मेरी सबसे अच्छी आदतें भी यारों से आईं, और सबसे बुरी भी।
यार वही जो बिना पूछे तेरी प्लेट से खा ले, और तेरे हिस्से की डाँट भी।
हम यार कम बनाते हैं, पर उन्हें पुराना नहीं होने देते।
यारों के साथ बिताया वक़्त कभी बर्बाद नहीं लगता, घरवाले चाहे कुछ भी कहें।