किसी को पहली बार देखो तो सबसे पहले आँखें ही याद रहती हैं। उसने क्या कहा, क्या पहना था, सब भूल जाता है, पर वो एक नज़र कई दिनों तक पीछा नहीं छोड़ती। और जब कोई अपना “मैं ठीक हूँ” कहता है, तब भी सच आँखें ही बताती हैं।
यहाँ आँखों पर वैसी ही शायरी है: किसी की ख़ूबसूरत और नशीली आँखों की तारीफ़, नज़रों से होने वाली बातें, भीगी आँखों का दर्द, और ग़ालिब, मीर, बशीर बद्र जैसे शायरों के मशहूर शेर। प्यार के और रंगों के लिए Romantic Shayari और Ishq Shayari भी पढ़ें।
Shayari on Eyes in Hindi
तुम बात कुछ और कर रही थीं,
और तुम्हारी आँखें कुछ और कह रही थीं।
सौ बार सोचा था कि आज नज़र नहीं मिलाऊँगा,
फिर तुम सामने आईं, और सारी तैयारी धरी रह गई।
लोग चेहरा देखते हैं, मैं आँखें देखता हूँ,
चेहरा सँवारा जा सकता है, आँखें नहीं।
आँखें अक्सर सच बोल देती हैं,
लफ़्ज़ चाहे कुछ भी छुपा लें।
तुम्हारी आँखों में मुझे वो घर दिखता है,
जहाँ लौटकर कोई सवाल नहीं पूछता।
फ़ोटो में तुम्हारी आँखें ज़ूम करके देखता हूँ,
और हर बार कुछ नया मिल जाता है।
Beautiful Eyes Shayari (आँखों की तारीफ़)

काजल लगाने की ज़रूरत क्या थी,
तुम्हारी आँखें पहले ही कम क़ातिल नहीं थीं।
तुम हँसती हो तो पहले आँखें हँसती हैं,
होंठ तो बाद में साथ देते हैं।
तुम्हारी आँखों का रंग पूछा किसी ने,
मैंने कहा, सुबह की चाय जैसा, जिसके बिना दिन शुरू नहीं होता।
चश्मा उतारकर जब तुम आँखें मलती हो,
उस वक़्त दुनिया की सबसे प्यारी तस्वीर बनती है।
तुम्हारी बड़ी-बड़ी आँखों से डर लगता है,
कहीं इनमें उतरा तो वापस न आ पाऊँ।
Nasheeli Aankhen Shayari
लोग पूछते हैं कौन सा नशा करते हो,
मैं कहता हूँ, बस एक बार उसकी आँखों में देखा था।
शराब तो सुबह तक उतर जाती है,
तेरी आँखों का नशा बरसों से नहीं उतरा।
उसकी नशीली आँखों ने ऐसे देखा,
कि मैं अपना ही पता भूल गया।
मयख़ाने वालों से क्या शिकायत करूँ,
मुझे तो किसी की पलकों ने बिगाड़ा है।
झुकी हुई पलकें और हल्की सी मुस्कान,
बस इतने में लोग घर-बार भूल जाते हैं।
Aankhon Se Baat Shayari

पूरी महफ़िल में सब बोल रहे थे,
हम दोनों बस आँखों से बात कर रहे थे।
नज़रें मिलीं, फिर झुकीं, फिर मिलीं,
इतनी सी बात में पूरी कहानी हो गई।
तुमने “कोई बात नहीं” कहा,
पर तुम्हारी आँखों ने बता दिया कि बहुत बड़ी बात है।
जो बात ज़बान पर आने से डरती है,
वो आँखों से चुपचाप निकल जाती है।
माँ ने बस एक बार आँखें दिखाईं,
और बचपन की सारी ज़िद वहीं ख़त्म।
पापा कभी नहीं कहते कि प्यार करते हैं,
पर स्टेशन पर उनकी आँखें सब कह जाती हैं।
Bheegi Aankhen Shayari (Sad Eyes Shayari)

तकिया जानता है रात भर क्या हुआ,
सुबह की आँखें बस इतना कहती हैं, नींद नहीं आई।
आँखें लाल क्यों हैं, किसी ने पूछा,
मैंने कहा धूल चली गई थी, और वो मान गया।
कभी-कभी आँखों में आँसू नहीं होते,
फिर भी दर्द साफ़ दिखाई देता है।
जिन आँखों में कभी मेरा इंतज़ार रहता था,
आज उनमें मेरे लिए पहचान भी नहीं।
रोना भी अब सलीक़े से सीख लिया है,
आँखें भीगती हैं, आवाज़ नहीं टूटती।
उसकी आँखों में अब मैं नहीं दिखता,
बाक़ी सब वैसा ही है।
Mashhoor Shayaron Ke Aankhon Par Sher
मीर उन नीम-बाज़ आँखों में,
सारी मस्ती शराब की सी है।
– मीर तक़ी मीर
रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ाइल,
जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है।
– मिर्ज़ा ग़ालिब
आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा,
कश्ती के मुसाफ़िर ने समुंदर नहीं देखा।
– बशीर बद्र
सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं,
सो उस के शहर में कुछ दिन ठहर के देखते हैं।
– अहमद फ़राज़
आँखों का था क़ुसूर न दिल का क़ुसूर था,
आया जो मेरे सामने मेरा ग़ुरूर था।
– जिगर मुरादाबादी
Eyes Shayari 2 Line
आँखें बंद करूँ,
तब भी तुम ही दिखते हो।
नज़र तुमसे हटे,
तो कुछ और देखूँ।
तुम्हारी आँखें,
मेरा पसंदीदा मौसम।
एक नज़र,
और पूरी उम्र का हिसाब बराबर।
पलकें झुकीं,
और मैं हार गया।
आँखों ने कह दिया “हाँ”,
होंठों ने अब तक नहीं कहा।